मधेपुरा, मार्च 13 -- ग्वालपाड़ा । विगत दो दिनों से मौसम के रुख में आए बदलाव से लोगों को आंधी - तूफान का डर सताने लगा है। डर के मारे किसान मक्के की सिंचाई नहीं कर रहे हैं। उन्हें इस बात का डर है कि अगर पटवन के बाद आंधी का सामना करना पड़ा तो फसल बर्बाद हो सकते हैं। खेतों में नमी रहने से पौधे आंधी के झोंके को बर्दाश्त नहीं कर पाएंगे। आंधी में पौधे धरती पर लोट जाएंगे। आंधी में आम के मंजर के झड़ने की भी चिंता सता रही है। अगर ओले गिरने की नौबत आई तो उन्हें भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। आंधी के डर से किसानों के रातों की नींद हराम है। शादी - विवाह का लगन तेज रहने से लोगों को आंधी में पंडाल के धराशाई होने का डर सता रहा है।

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