रांची, मार्च 25 -- रांची। बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) द्वारा संचालित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा (जीकेएमएस) परियोजना के तहत बुधवार को गुमला के कुलांकेरी गांव में किसान जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने मौसम के बदलते मिजाज के अनुरूप खेती की रणनीति बनाने पर जोर दिया। जीकेएमएस के नोडल अधिकारी डॉ. रमेश कुमार ने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के आधार पर कृषि कार्य करने से न केवल फसल का जोखिम कम होता है, बल्कि उत्पादन और आय में भी वृद्धि होती है।रांची मौसम केंद्र के निदेशक अभिषेक आनंद ने किसानों को मौसम बुलेटिन के उपयोग और समय पर जारी होने वाली चेतावनियों के लाभ के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय किसानों को आधुनिक मौसम विज्ञान की सेवाओं से जोड़ना था।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉ...