मौसम परिवर्तन से चिंरौजी के उत्पादन में आई गिरावट
सोनभद्र, मई 3 -- सोनभद्र/म्योरपुर, हिन्दुस्तान टीम। सोनभद्र में मौसम में आए अचानक परिवर्तन के कारण चिंरौजी के उत्पादन में गिरावट आई है। यही नहीं महुआ और हर्रा की चमक भी फीकी पड़ गई है। जबकि यह जंगली फल आदिवासियों की आमदनी के एक मजबूत श्रोत हैं। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की एक मजबूत कड़ी भी हैं। सोनभद्र के जंगलों में मिलने वाले फल इन दिनों ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी बनते जा रहे हैं। खासकर चिरौंजी की बढ़ती मांग ने आदिवासी और वन क्षेत्र के लोगों की आय में नई उम्मीद जगाई जरूर है, लेकिन मौसम परिवर्तन और प्रदूषण के चपेट में जंगल का सबसे महंगा फल चिरौंजी का उत्पादन लगातार घट रहा है। बाजार में इसकी कीमत 2500 से लाकर तीन हजार है, जो काजू, किशमिश से बहुत ज्यादा है। बाजार में चिरौंजी के दाम ऊंचे बने रहने से संग्राहकों को अच्छा लाभ मिलता और रोजगार ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.