सिद्धार्थ, जुलाई 16 -- सोहना, हिन्दुस्तान संवाद। जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव के बीच किसानों के लिए अब केवल मेहनत नहीं, बल्कि मौसम के अनुरूप वैज्ञानिक तरीके से खेती करना भी जरूरी हो गया है। कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रवेश कुमार ने किसानों से जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि बदलते मौसम के कारण अनियमित वर्षा, लंबे सूखे, भीषण गर्मी, शीतलहर, ओलावृष्टि और कीट-रोगों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय प्रभावित हो रही है।उन्होंने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में धान, गेहूं, गन्ना, दलहन और तिलहन प्रमुख फसलें हैं। यहां हर वर्ष अनियमित बारिश और जलभराव से किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में जलवायु परिवर्तन को पूरी तरह रोकना संभव...