सहरसा, अप्रैल 15 -- सहरसा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिले में मौसम की मार और मिट्टी की कम उर्वरा के कारण दलहन की खेती कम होती है। हालांकि जिले में दलहन तहत मुंग की सबसे अधिक खेती की जाती है। लेकिन कभी अचानक अधिक बारिश तो कभी सुखा की स्थिति से अब मुंग की खेती पर खासा प्रभाव पड़ने से किसान दलहन की खेती से विमुख हो रहे है। जिला कृषि विभाग के अनुसार जिले में इस बार 2027 हेक्टेयर में दलहन खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि विभाग द्वारा भी दलहन खेती पर अधिकाधिक जोर दिया जाता है। लेकिन उपज की कमी से किसान दलहन खेती नहीं कर अन्य खेती पर जोर देते हैं। यह भी पढ़ें- जिले में लगातार घटती जा रही दलहन की खेती कामेश्वर रामेश्वर पंडित ने बताया कि कुछ वर्षों पूर्व जिले में मसूर और खेसारी व मुंग की खेती सबसे अधिक होती थी। लेकिन मिट्टी के क्षरण के कारण...