बांका, अप्रैल 16 -- बांका, नगर प्रतिनिधि। जिले के तिलहन किसान प्रतिवर्ष मौसम की अनिश्चितताओं से जूझते रहे हैं। कभी अत्यधिक ठंड फसलों की बढ़वार को प्रभावित करती है, तो कभी बे-मौसम बारिश तैयार फसल को नुकसान पहुंचा देती है। ऐसे हालात में किसानों की मेहनत और उम्मीदें दोनों प्रभावित हो जाती हैं।विशेष रूप से सरसों और तीसी की खेती करने वाले किसान सबसे अधिक परेशानी झेलते हैं। चूंकि जिले में तिलहन की खेती का प्रमुख आधार सरसों और तीसी है। वहीं कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यहां की मिट्टी मूंगफली जैसी अन्य तिलहन फसलों के लिए भी बेहद उपयुक्त है, लेकिन जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन की कमी के कारण किसान इन विकल्पों की ओर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। यह भी पढ़ें- मौसम की मार झेल रहे हैं बांका के तिलहन के किसान यदि सही मार्गदर्शन और बाजार की सुविधा मिले, त...
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