पूर्णिया, मई 8 -- भवानीपुर, एक संवाददाता।एक समय किसानों की आर्थिक रीढ़ मानी जाने वाली मक्का की फसल इस वर्ष किसानों के लिए चिंता और नुकसान का कारण बन गई है। मौसम की बेरुखी और बाजार में कीमतों में भारी गिरावट ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में लहलहाने वाली मक्का, जिसे किसान पीला सोना कहकर अपनी समृद्धि का आधार मानते थे, अब उन्हें रुलाने लगी है। लगातार खराब मौसम और तेज हवाओं के कारण अनुमंडल क्षेत्र के सैकड़ों एकड़ में लगी मक्का की फसल खेतों में गिर गई। इससे उत्पादन प्रभावित हुआ और किसानों को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। मौसम की मार से उबर भी नहीं पाए थे कि बाजार में मक्का की कीमतों में आई गिरावट ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।कभी केलांचल के नाम से प्रसिद्ध धमदाहा अनुमंडल की पहचान अब मक्काँचल के रूप में बन चुकी है। जिले में सर्वा...