गंगापार, अप्रैल 9 -- बार बार मौसम का मिजाज बदलने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में फसलों की कटाई और खलिहानों में थ्रेसरिंग करते किसान अपनी भूख प्यास और दिन, रात, धूप व गर्मी सभी कुछ भूल गये हैं। बार बार बदलते मौसम के मिजाज के चलते किसान कटाई व थ्रेसरिंग में काफी तेजी से जुट गए हैं। पिछले एक सप्ताह से मौसम में बदलाव अक्सर आकाश में बादल, बरसात, तेज हवा और ओले ने किसानों की नींद उड़ा दी है। मांडा क्षेत्र के सोनबरसा, पचेड़ा, मझिगवां , हाटा न्याय पंचायत के विभिन्न गांवों में बरसात के साथ ओले भी पड़े । धनावल गांव के किसान रामचंद्र पाल, राजेश्वर दुबे राम गोविंद, राजकुमार, राम कैलाश, मुन्नूलाल, हीरालाल आदिवासी, वृहस्पति आदिवासी, हीरामणि, मुन्ना लाल आदि किसानों ने बताया कि खेतों की कटाई और थ्रेसरिंग के चलते नींद, भूख सब भूल जैसे गये हैं । ...
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