वाराणसी, अप्रैल 9 -- वाराणसी। खेतों में दूर तक पसरी गेहूं की सुनहरी बालियों के लिए इन दिनों कई चक्रों में तेज हवा संग हुई बारिश खलनायक बन गई है। गेहूं का आंचल थामे पनपी दलहनी और तिलहनी फसलों का यौवन भी सकुचा गया है। फलों का राजा आम तो यौवन की दहलीज छूने से पहले ही जमीन पर आ गिरा है। अनुमान के मुताबिक रबी की फसलों का लगभग 15 फीसदी नुकसान हुआ है। खलिहान में रखे गेहूं, सरसों के बोझ भीगने से मड़ाई कार्य प्रभावित हुआ है। खेतों में खड़ी फसल गिरने से किसान सकते में हैं। दलहनी और तिलहनी फसलों पर बार-बार मौसम की मार से कृषकों की चिंता बढ़ती जा रही है। आम की फसलों पर भी करीब 20 फीसदी तक की क्षति बताई जा रही है। किसान गेहूं को लेकर विशेष चिंतित हैं। जिनकी फसलें कट गई वे भी और जिनकी खेतों में खड़ी कटने का बाट जोह रही हैं वे भी। रोज सुबह-शाम आकाश ही निहा...
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