मऊ, फरवरी 26 -- मऊ, संवाददाता। फरवरी माह में ही बढ़ते तापमान ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। आमतौर पर इस मौसम में सर्दी और कोहरा होता है, लेकिन पहाड़ों पर सक्रिय एवं सशक्त पश्चिमी विक्षोभ की कमी, मैदानों मे कोई मौसमी सिस्टम नहीं होने के साथ ही तेज धूप से फरवरी में पारा छलांग लगाने लगा है। 75 वर्षों में 11 सर्वाधिक गर्म फरवरी में 2016-2025 तक के छह वर्ष शामिल हैं। यानी इन दस वर्षों में फरवरी लगातार गर्म हो रही है। ऐसे में किसानों को गेहूं उत्पादन कम होने की आशंका सता रही है। वैज्ञानिकों की मानें तो पारा 25 डिग्री से अधिक होने का असर फसल पर दिखेगा। जबकि इस समय रात में 15 और दिन में 23 डिग्री तापमान बेहतर माना जाता है। उधर फरवरी माह में लगातार दिन का तापमान बढ़ने से जिलेभर के किसान गेहूं की खेती में दूसरी सिंचाई कराने में जुट गए हैं। फरवरी माह ...