गोंडा, मार्च 11 -- गोण्डा, संवाददाता। हजरत अली की यौम-ए-शहादत पर शहर के शिया इमामबारगाह में शबीहे ताबूत बरामद हुआ। इस दौरान हुई मजलिसों में हजरत अली की शहादत का जिक्र किया गया। मौलाना मुंतजिर ने कहा कि मौला अली ने अपनी पूरी जिंदगी को इस्लाम पर कुर्बान कर दिया। तीन दिनी शोक दिवस के अंतिम दिन मंगलवार रात रगड़गंज रोड स्थित शिया इमाम बारगाह हुसैनिया से परंपरागत तरीके से जूलूस निकाला गया। लोगों में ताबूत को कंधा देने के लिए होड़ लगी रही। जुलूस से पहले मौलाना मुंतजिर हुसैन ने हजरत अली की शहादत का जिक्र किया तो आजादरों की आंखे नम हो गई और माहौल संजीदा हो गया। लोगों ने या अली मौला हैदर मौला की सदाएं बुलंद की। शिया कमेटी के सदर डॉ. सैय्यद आजम हुसैन आब्दी ने बताया कि अब्दुल रहमान इब्ने मुलजिम जालिम ने हजरत अली के सिर पर 19 रमजान को फज्र की नमाज की ...
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