शाहजहांपुर, दिसम्बर 4 -- हजरत मौलाना लियाकत हुसैन के 28वें सालाना उर्स का बुधवार को कुलशरीफ के साथ समापन हो गया। जायरीनों ने गुलपोशी व चादरपोशी कर मुल्क एवं कौम की तरक्की की दुआ मांगी। कांकड़ मोहल्ला स्थित मौलाना लियाकत हुसैन की दरगाह शरीफ पर शानो-शौकत के साथ सज्जादा नशीन हाजी मोहम्मद स्वालेह कादरी उर्फ़ शद्दन मियां ने कुरआन ए पाक से आगाज किया। उर्स शरीफ में बिहार, दिल्ली, राजस्थान एवं अन्य कई प्रदेशों से जायरीनों ने आकर शिरकत की। दरगाह पर मुफ्ती सुल्तान रज़ा कादरी ने कहा कि हज़रत लियाकत हुसैन की खानकाह दो बहते हुए धारो का सिलसिला -कादरिया व सिलसिला-ए-साबिरी चिश्तिया का संगम है। उन्होने कहा कि शरियत की तबलीग का नाम उर्स है। औलिया ए किराम अपनी पूरी जिंदगी अल्लाह और रसूल के हुक्म के मुताबिक गुजारते हैं। सज्जादानशीन हाजी मोहम्मद स्वालेह उर्फ़...
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