नई दिल्ली, अगस्त 29 -- हिंदू धर्म में गरुड़ पुराण को ऐसा ग्रंथ माना गया है, जो मृत्यु के बाद की यात्रा और जीवन जीने के तरीके दोनों पर बात करता है। बहुत से लोग सोचते हैं कि छिपे पाप किसी को पता नहीं चलते हैं। गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद यमलोक में छोटे-बड़े कर्मों का हिसाब होता है। आत्मा को शांति मिलेगी या दंड भोगना पड़ेगा, यह जीवन के कर्मों पर निर्भर माना गया है।मृत्यु के बाद कर्मों का लेखा-जोखा गरुड़ पुराण भगवान विष्णु और उनके वाहन गरुड़ के संवाद के रूप में जाना जाता है। इसमें कहा गया है कि शरीर छोड़ने के बाद आत्मा को यमदूत यमलोक ले जाते हैं। वहां चित्रगुप्त जीवन भर के कार्यों का विवरण रखते हैं। पुण्य अधिक हो, तो सुख का मार्ग बताया गया है। पाप ज्यादा हों, तो यमराज के दंड का उल्लेख मिलता है। यह वर्णन डराने के लिए नहीं, बल्कि सही क...