मोह माया त्याग कर भगवान की भक्ति करनी चाहिए : भाव भूषण
मेरठ, मई 23 -- श्री दिगंबर जैन जैन बड़ा मंदिर में चल रहे 40 दिवसीय श्री शांतिनाथ महामंडल विधान के तीसरे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान का अभिषेक के पश्चात शांतिधारा की। मुनि भाव भूषण महाराज ने मंत्रोच्चार के साथ सर्वजगत की शांति के लिए अखंड शांतिधारा कराई। भगवान की शांतिधारा कला देवी, प्रवीण जैन आदि द्वारा की गई। तत्पश्चात वेदी का शुद्धिकरण किया गया। रविवार को विधान में 130 परिवारों ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया। विधान पाठ की शुरुआत भगवान शांतिनाथ की मुख्य वेदी पर अभिषेक के साथ हुई। धर्म सभा में आचार्य भाव भूषण महाराज ने प्रवचन करते हुए कहा कि जिनेंद्र भगवान की भक्ति ही हमें स्वर्ग व मोक्ष की सिद्धि कराती हैं, यदि हम दुनिया का मोह, लालच और दूसरे के प्रति हीन भावना न रखकर अपना ध्यान भगवान शांतिनाथ की आराधना करने में लगाएं तो इससे दुखों का निव...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.