मोहर्रम में बजने वाले ढोल-ताशा का दाम हो गया डेढ़ से दोगुना
देवरिया, जून 20 -- देवरिया, वाचस्पति मिश्र ईरान-अमेरिका युद्ध के चलते मोहर्रम में बजने वाले ढोल-ताशे का दाम डेढ़ से लेकर दोगुना तक हो गया है। मुस्लिम भाई मोहर्रम के महीने में ताजिया रखने वाली चौक के पास 10 दिनों तक ढोल ताशा बजाते हैं। यहीं पर मुस्लिम भाई हमारे हैं इमाम हुसैन का नारा बुलंद करते हैं। इस्लामी तारीख का पहला महीना मोहर्रम हजरत इमाम हुसैन की शहादत का यादगार है। इस महीने में इस्लाम की वका के लिए हजरत इमाम हुसैन कर्बला के रेतीले मैदान में अपने साथियों और घर वालों के साथ शहीद हो गए थे। हाफिज मोहम्मद इरफान खान कहते हैं कि इस्लाम की हिफाजत के लिए हजरत इमाम हुसैन ने भूखे प्यासे कर्बला के रेतीले मैदान में शहीद होना मुनासिब समझा, लेकिन यजीद की खिलाफत को मंजूर नहीं किया। हजरत इमाम हुसैन की याद में जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों मे...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.