मऊ, जून 18 -- मऊ, संवाददाता। जनपद के शहर के मलिक टोला स्थित इमामबाड़े में गम-ए-हुसैन (अ.स.) की याद में मोहर्रम के मुक़द्दस महीने की पहली मजलिस का अक़ीदत व एहतराम के साथ आयोजन किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अज़ादार और मोमीन हाज़िर हुए। जिन्होंने कर्बला के शहीदों को अपनी खिराजे-अकीदत (श्रद्धांजलि) पेश की। ​मजलिस की शुरुआत मर्सिया से हुई। इसके बाद मौलाना नसीमुल हसन साहब ने मजलिस को खिताब किया। अपने बयान में मौलाना ने कर्बला के वाकयात और इमाम हुसैन (अ.स.) के सब्र व इस्तकामत पर रोशनी डाली। उन्होंने कहा कि कर्बला का मैदान हक और बातिल के बीच का वह मोर्चा था, जहां इमाम हुसैन ने अपनी और अपने जानिसारों की कुर्बानी देकर इंसानियत और इस्लाम के बुनियादी वसूलों को हमेशा के लिए जिंदा कर दिया। यह भी पढ़ें- मस्जिदे नबवी में बरपा हुई थी हुसैन की पहली मजलि...