सासाराम, जून 17 -- रोहतास, एक संवाददाता। मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही विभिन्न गांवों और चौक-चौराहों पर या हुसैन के नारे गूंज उठे। इसके साथ ही इस्लामी नववर्ष की शुरुआत हो गई और मोहर्रम माह की पहली तारीख से धार्मिक गतिविधियां तेज हो गईं। यह भी पढ़ें- मोहर्रम का चांद नजर आते ही गूंजे या हुसैन के नारे, शुरू हुई तैयारियां यह भी पढ़ें- मोहर्रम की शुरुआत होते मजलिसों का दौर शुरू यह भी पढ़ें- मोहर्रम का चांद देखने के साथ शुरू हुईं मजलिसें

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...