बिजनौर, जून 17 -- बिजनौर। मोहर्रम का चांद दिखाई देते ही शिया समुदाय में गम और अकीदत का माहौल छा गया। इमाम हुसैन और शहीदाने कर्बला की याद में शहर के विभिन्न इमामबाड़ों और अजाखानों में सफ-ए-मातम बिछ गई तथा मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। चांद रात से ही अकीदतमंदों ने इमामबाड़ों का रुख कर कर्बला के शहीदों को खिराज-ए-अकीदत पेश की। बिजनौर के मोहल्ला बुखारा स्थित असगर मेंहदी के आवास पर परंपरागत चांद रात की मजलिस आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। मजलिस में इमाम हुसैन और उनके साथियों की कुर्बानियों का जिक्र करते हुए सत्य, न्याय और इंसानियत के रास्ते पर चलने का संदेश दिया गया। यह भी पढ़ें- अलम का जुलूस निकालकर इमाम हुसैन की शहादत को किया याद मोहर्रम की पहली रात इमामबाड़ा बुखारा में आयोजित विशेष मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना कम...