बलरामपुर, जून 17 -- गैड़ास बुजुर्ग/बलरामपुर, संवाददाता। कर्बला के 72 शहीदों की याद में मनाए जाने वाले माहे मोहर्रम का आगाज चांद दिखने के साथ हो गया। मंगलवार शाम मोहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद बुधवार से पहली मोहर्रम शुरू हो गई। जिले भर में अकीदतमंदों ने गम और एहतराम के साथ मोहर्रम की रस्मों की शुरुआत कर दी है। मोहर्रम कमेटी अध्यक्ष डॉ. अली नवाज रिजवी ने बताया कि बलरामपुर, उतरौला, अमया देवरिया, रेहरामाफी, रैगांव, सादुल्लाहनगर, मीरपुर, गैसड़ी, पचपेड़वा, तुलसीपुर सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मोहर्रम पूरी अनुशासन के साथ मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि नौ मोहर्रम की रात इमाम हुसैन के रौजे की प्रतीक ताजियों को घरों और इमामबाड़ों में रखकर फातिहा दिलाई जाती है, जबकि 10 मोहर्रम की शाम उन्हें कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया जाता है। यह भी पढ...