अमरोहा, जून 20 -- तीन मोहर्रम को बरामद पहले मातमी जुलूस ने शहर की फिजा को गमगीन कर दिया। हर तरफ लब्बैक या हुसैन-लब्बैक या हुसैन की सदाएं गूंजती रहीं। भीषण गर्मी के बीच अजादारों ने इमामबाड़ों में मातम बरपा करते हुए कर्बला में हुई इमाम हुसैन की शहादत को याद किया। जुलूस ने कर्बला के सारे मंजर ताजा किए। शहर के मोहल्ला पचदरा स्थित इमामबाड़ा वलिया से मातमी जुलूस की शुरुआत शुक्रवार सुबह लगभग 9 बजे हुई। जुलूस में सबसे आगे ऊंटों का काफिला था, जिन पर काला लिबास पहने मासूम बच्चे सवार थे। काफिले के ठीक पीछे खूबसूरत रौशनी चौकी और आराइश थी। यह भी पढ़ें- मोहर्रम: फिजा में दिनभर गूंजी लब्बैक या हुसैन की सदाएं इसके पीछे हुसैनी बाजे की मातमी धुन माहौल को गमगीन बना रही थीं। ​जुलूस में शामिल अलम मुबारक, शबीह-ए-ताबूत और इमाम हुसैन के वफादार घोड़े की शबीह जुल्...