मोहम्मद रफी के इस गाने को सुन जब छूट गए थे दिलीप कुमार के पसीने, हाथों में पड़ गए थे छाले, फिर भी दर्द में किया परफॉर्म
नई दिल्ली, मई 28 -- भारतीय सिनेमा का सबसे महान एक्टर जिन्हें ट्रैजेडी किंग कहा जाता था, वह एक ऐसे गाने को लेकर इतना सीरियस हो गए थे कि इसके लिए उन्होंने महीने लगा दिए ट्रेनिंग के लिए। 60 का दशक था और उस समय दिलीप कुमार का चेहरा और मोहम्मद रफी की आवाज किसी जादुई कॉम्बिनेशन से कम नहीं था। मोहम्मद रफी की आवाज दिलीप कुमार पर बिल्कुल परफेक्ट फिट बैठती थी। लेकिन फिल्म कोहिनूर के एक गाने ने दिलीप कुमार को सोचने पर मजबूर कर दिया था।कौनसा था वो मुश्किल गाना जिस गाने की हम बात कर रहे हैं वो है मधुबन में राधिका नाचे रे। रफी के इस गाने को जब दिलीप कुमार ने सुना तो स्टूडियो में सन्नाटा रह गया। वह समझ गए थे कि इस गाने को अगर उन्होंने सिर्फ फॉर्मैलिटी के लिए परफॉर्म किया तो यह रफी साहब की इज्जत के खिलाफ बात होगी। उन्हें कला को सच्चा साबित करना था। उन्हो...
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