हरदोई, सितम्बर 9 -- संडीला। साम्प्रदायिक एकता, इंसानियत और भाईचारे की मिसाल सूफी बुजुर्ग हजरत शाह सय्यद शरफउद्दीन अहमद सागर मियां फातमी चिश्ती निजामी रह. के 20वें यौमे विसाल के अवसर पर सोमवार को कस्बे के मोहल्ला मंगल बाजार स्थित खानकाह-ए-चिश्तिया सागरया में 'जलसा यादगार हजरत सागर मियां रह.' का आयोजन किया गया। इसमें वक्ताओं ने हजरत सागर मियां के जीवन, उनकी सूफी शिक्षाओं तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारा कायम करने में उनके योगदान को याद किया। जलसे की अध्यक्षता दरगाह के सज्जादानशीन मुईजउद्दीन अहमद सागरी चिश्ती ने की। मुख्य अतिथि तहरीक परचमे मोहम्मदी, विशिष्ट अतिथि हज सेवा समिति के अध्यक्ष अब्दुल खालिक, सज्जादानशीन मुईजउद्दीन अहमद सागरी चिश्ती ने कहा कि हजरत सागर मियां प्रसिद्ध सूफी बुजुर्ग होने के साथ फारसी और उर्दू के बेहतरीन शायर भी थे...