औरंगाबाद, जनवरी 16 -- जिले में पशुपालकों की सुविधा बढ़ाने के लिए पशुपालन विभाग द्वारा मोबाइल वेटरनरी यूनिट सेवा संचालित की जा रही है। योजना के तहत प्रत्येक प्रखंड में एक चलंत चिकित्सा वाहन की व्यवस्था है, जिसमें एक पशु चिकित्सक, एक चिकित्सा कर्मचारी और एक चालक तैनात रहते हैं। यह यूनिट प्रतिदिन संबंधित प्रखंड के दो गांवों का दौरा करती है। आकस्मिक स्थिति में पशुपालक टोल फ्री नंबर 1962 पर सुबह 9 बजे से 4 बजे तक संपर्क कर सेवा ले सकते हैं। प्राथमिक स्तर पर टेली मेडिसिन के माध्यम से परामर्श और दवाएं दी जाती हैं। बीमारी गंभीर होने पर शिकायत दर्ज होने के बाद मोबाइल वेटरनरी यूनिट पशुपालक के घर पहुंचकर इलाज करती है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 में अप्रैल से दिसंबर तक 29,001 गाय, 8,568 भैंस, 8,187 बकरी, 30 भेड़, 60 सूअर, 199 मुर्गा-मुर्गी स...
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