हापुड़, फरवरी 7 -- मोबाइल गेम की लत बच्चों और किशोरों के लिए लगातार खतरे की घंटी बनती जा रही है। परिजनों की डांट-फटकार से क्षुब्ध होकर किशोर खतरनाक कदम उठा रहे हैं। जिससे परिवारों की चिंता बढ़ गई है। हाल ही में गाजियाबाद में तीन बहनों द्वारा एक साथ आत्महत्या किए जाने की घटना के बाद परिजन और भी अधिक सतर्क हो गए हैं। वह बच्चों को मोबाइल फोन से दूर रख कर खेलकूद और शारीरिक गतिविधियों की ओर प्रेरित कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद कुछ मामलों में स्थिति गंभीर होती जा रही है। ऐसा ही एक मामला कोतवाली पिलखुवा क्षेत्र के मोहल्ला नौरंगपुरी से सामने आया है। जहां 16 वर्षीय किशोर को परिजन ने गेम खेलने से रोका तो वह घर छोड़कर चला गया और आज तक नहीं लौटा। किशोर के अचानक लापता होने से परिजन सदमे में हैं और पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी हुई है। मोहल्ला नौरंगपुरी...
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