गंगापार, मार्च 22 -- मोबाइल की लत ने बच्चों को बर्बाद कर दिया है। यहां तक कि मासूम रोते बच्चों को मोबाइल देने पर वह चुप हो जाते हैं। जगह जगह टोली बनाकर मोबाइल पर गेम खेलते हुए बच्चों को देखा जा सकता है। बच्चों को मोबाइल की लत इस कदर लग गई है कि वह अपनों से दूर होकर एकान्त में मोबाइल चला रहे हैं। शिक्षा पर कम मोबाइल गेम पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। गांवों में पूर्व में यही बच्चे गोली, गुल्ली-डंडा, क्रिकेट, फुटबाल, कबड्डी आदि खेलते थे। जिससे बच्चों के शारीर का विकास होता था। जब घर के बडे बुजुर्ग बुलाते थे तो वह दौड कर आते। जिससे अपनापन झलकता था। अब यह सब गुजरे जमाने की बात हो गई है। मोबाइल में व्यस्त बच्चों का भविष्य जहां खराब हो रहा है। वहीं वह अपनों से दूरी बना रहा है। हर परिवार का मुखिया बच्चों में फैली मोबाइल चलाने की लत से परेशान है। बच...