हापुड़, जून 19 -- मोनाड यूनिवर्सिटी का फर्जी डिग्री और मार्कशीट बांटने का मामला शांत नहीं हुआ था और वर्ष-2022-23 से यूनिवर्सिटी ने छात्र-छात्राओं की करोड़ों की छात्रवृत्ति डकारनी शुरू कर दी थी। इसका खुलासा समाज कल्याण विभाग द्वारा रूटिन चेकिंग में हुआ था। इसके बाद बीती जनवरी में तत्कालीन डीएम ने मामले की पुन: जांच भी करायी थी, इस जांच में भी आरोप सहीं पाए गए थे। तब यूनिवर्सिटी को ब्लैक लिस्ट करने की डीएम ने संस्तुति की थी। हालांकि इसके बाद मोनाड यूनिवर्सिटी पर कोई कार्यवाही नहीं हुई थी। बता दें कि मोनाड यूनिवर्सिटी पर साल-2019 से फर्जी डिग्री और मार्कशीट बांटने के आरोप लगने शुरू हुए थे। जानकारी के अनुसार यूनिवर्सिटी को काउंसलिंग सीट एलोट करता था, अगर यूनिवर्सिटी को 10 सीट एलोट होती थी तो इसकी एवज में यूनिवर्सिटी कई डिग्री बनाकर दूर-दराज क...