नई दिल्ली, मई 22 -- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों (यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली) के सफल दौरे से लौटते ही सीधे ऐक्शन मोड में आ गए हैं। गुरुवार (21 मई) को दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद की एक बेहद अहम और लंबी बैठक हुई। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक की गूंज बहुत तेज है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर मंत्रियों के कामकाज का 'रिपोर्ट कार्ड' खोलकर रख दिया गया। एनडीए-3 सरकार के दो साल पूरे होने से ठीक पहले हुई इस मिड-टर्म समीक्षा ने मंत्रिमंडल में बड़े फेरबदल की अटकलों को हवा दे दी है।किस आधार पर बनी 'टॉप-5' और 'बॉटम-5' की लिस्ट? सूत्रों के मुताबिक, यह करीब चार घंटे चली बैठक केवल एक सामान्य चर्चा नहीं थी, बल्कि इसमें मंत्रालयों के परफॉरमेंस का बारीकी से ऑडिट किया गया। बैठक में कैबिनेट सचिव राजीव गौबा और नीत...