मोतीराम शास्त्री ने शोषण के खिलाफ उठाई थी आवाज
चंदौली, मई 11 -- चंदौली। संवाददाता नगर स्थित एक पैलेस में रविवार को आचार्य मोती राम शास्त्री की जन्मशती समारोह मनाई गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला। साथ ही उनके समकालीन दलित समाज में फैले आडम्बर, पाखण्ड अंधविश्वास के खिलाफ चलाये गये आंदोलनों के बारे में चर्चा किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक प्रभुनारायण यादव ने कहा कि उन्होंने समाज में फैली विषमता एवं शोषण के खिलाफ भी आवाज उठायी। उन्होंने हरिजनों को मंदिर प्रवेश, मरे हुए पशुओं को फेकने वाली प्रथा को बंद कराया। आपातकाल में तानाशाही के खिलाफ लड़ते हुए जेल भी गये। वह जीवन भर अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे। पूर्व चेयरमैन मुसाफिर सिंह चौहान ने कहा कि शास्त्री जी ने गरीबों, शोषितों, वंचितों और सताए गए लोगों के हक और अधिकार की लड़ाई लड़ते हुए जीवन भर संघर्ष किया। इस मौके पर पूर्व ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.