महाराजगंज, अप्रैल 19 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी मनोज सिंह ने वाहनों की जांच के लिए अभियान चलाया। इस दौरान मॉडिफाइड साइलेंसर को लेकर जानकारी भी दी। आनंदनगर में विभिन्न मोटरसाइकिल गैराज, डेकोरेशन शोरूम, शोरूम का औचक निरीक्षण कर मॉडिफाइड साइलेंसर की बिक्री की जांच की। जांच में कहीं भी मॉडिफाइड साइलेंसर नहीं मिला। एआरटीओ ने कहा कि जिन वाहन स्वामियों द्वारा अपने मोटरयान में अनाधिकृत मॉडिफाईड करते हुए ऐसा परिवर्तन किया जाएगा उनके विरूद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 की धारा 182ए (4) के अर्न्तगत विधिक कार्यवाही की जाएगी। धारा 182ए (4) के तहत संबंधित वाहन स्वामी को ऐसी अवधि के कारावास से जो छह माह तक की हो सकती है। यह भी पढ़ें- मॉडिफाइड वाहन चलाने पर जुर्माना के साथ होगी जेल ऐसे प्रत्येक परिवर्तन के लिए पांच हजार रुपये तक...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.