प्रयागराज, मार्च 21 -- कंपोजिट शराब की दुकान का असर मॉडल शॉप पर जमकर पड़ा। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक भी मॉडल शॉप संचालक ने पहले चरण की लॉटरी में आवेदन नहीं किया। जबकि जिले की सात मॉडल शॉप के संचालकों ने नवीनीकरण नहीं कराया था। इन लोगों ने पहले चरण की में हिस्सा नहीं लिया। एक दौर था कि शराब की दुकानों का क्रेज सिर चढ़कर बोल रहा था। एक दुकान पर 100 आवेदन आते थे। मॉडल शॉप के लिए भी आवेदन आते थे। लेकिन चालू वित्तीय वर्ष में कंपोजिट शराब की दुकानों को खोला गया। जिसका असर मॉडल शॉप पर पड़ा। एक दुकान को खोलने के लिए लाइसेंस शुल्क दो से ढाई करोड़ रुपये देना होता है और महीने के उठान का दबाव रहता है। जबकि 30 से 40 लाख में कंपोजिट शॉप खुल जाती है, जहां पर शराब और बीयर दोनों की बिक्री होती है। यही कारण है कि मॉडल शॉप संचालक अब नहीं...
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