सीवान, सितम्बर 19 -- सिसवन। प्रखंड क्षेत्र में इन दिनों लंपी की बीमारी जोरो पर है। मवेशी इसके चपेट मेँ आ रहे हैं। तो कुछ मवेशी इसके चपेट में आकर काल के गाल में समा चुके है। सिसवन पशु अस्पताल में इलाज की व्यवस्था है और चिकित्सा संसाधन भी उपलब्ध है। लेकिन पशु पालक नीम हकिम डाक्टर के चक्कर मेँ पडकर परेशान हो रहे है। जहां टीका लगा है वहां भी मवेशियों में संक्रमण है। प्रखंड के अमुमन सभी इलाको में इसका प्रकोप है। प्रखंड के सभी गांव में टीकाकरण हुआ है। औसतन एक संक्रमित मवेशी के इलाज पर पांच से छह हजार रूपये खर्च हो रहे है। अस्पताल में डाक्टर है। जो पशुपालक अपनी मवेशी लेकर जाते है उनका इलाज होता है। चिकित्सक की सुविधा, जांच की सुविधा नही है और दवा की उपलब्धता भी प्रयाप्त नही है। 1962 मोबाइल एम्बुलेंस प्रखंड मुख्यालय के तीन किलोमीटर के दायरे में इ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.