प्रयागराज, अक्टूबर 12 -- प्रयागराज, संवाददाता। मैनेजर पांडेय स्मृति आयोजन समिति की ओर से दो दिवसीय स्मरण कार्यक्रम का रविवार को समापन हुआ। कार्यक्रम के अंतिम दिन हिंदुस्तानी एकेडेमी के सभागार में पहले सत्र में हिंदी आलोचना में मैनेजर पांडेय का योगदान विषय पर वक्ताओं ने अपनी बातें रखी। शिव प्रकाश त्रिपाठी ने उनके योगदान को स्पष्ट करते हुए उन्हें हिंदी की आलोचना को परंपरा से जोड़ने वाला आलोचक बताया। प्रो. बजरंग बिहारी तिवारी ने कहा कि सार्वभौमिकता और साहित्यिकता जैसे मूल्यों का आलोचना में विकास करने का श्रेय प्रो. पांडेय को जाता है। प्रो. तिवारी ने स्पष्ट किया कि उनकी आलोचना में पाठ केंद्रित आलोचना भी विशद रूप में मौजूद है। वहीं प्रभात मिश्र ने कहा कि वे हिंदी साहित्य में इतिहास दृष्टि पर पैनी नजर रखने वाले आलोचक हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता...
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