मैदान में पसीना बहाने वाले खिलाड़ियों को सफलता के गुर मिलेंगे
गुड़गांव, अगस्त 30 -- गुरुग्राम, साक्षी रावत। मैदान पर घंटों पसीना बहाने के बावजूद कई युवा खिलाड़ी इस बात को लेकर उलझे रहते हैं कि ट्रेनिंग के साथ डाइट कैसी हो, चोट से बचने के लिए क्या सावधानी बरती जाए, डोपिंग के नियम क्या हैं और खेल में आगे बढ़ने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ कैसे मिले। ऐसे खिलाड़ियों के लिए 'खेल-पे-चर्चा' अभियान खास मायने रखेगा। जींद से शुरू हुआ यह अभियान चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के सभी 23 जिलों तक पहुंचेगा। प्रत्येक जिले में करीब 1,500 से 2,000 खिलाड़ियों को जोड़े जाने की योजना है। गुरुग्राम में अभियान पहुंचने पर खास तौर पर 12 से 18 साल की उम्र के खेल नर्सरियों और प्रशिक्षण केंद्रों में अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद है। यहां के खिलाड़ियों को केवल भाषण सुनने के बजाय चैंपियन खिलाड़ियों, कोच और खेल ...
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