कटिहार, जून 29 -- कटिहार, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि जिले के स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी अब केवल एक औपचारिक दस्तावेज नहीं, बल्कि उनकी शैक्षणिक पहचान का आधार बनने जा रही है। विशेष रूप से मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के लिए इसका निर्माण बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने बोर्ड परीक्षा से जुड़ी विभिन्न प्रक्रियाओं में अपार आईडी की अनिवार्यता सुनिश्चित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है。 यह भी पढ़ें- मैट्रिक-इंटर 2027 के परीक्षार्थियों के लिए जरूरी हुआ अपार आईडीअपार आईडी का महत्व समिति के निर्देश के अनुसार आगामी वर्षों में विद्यार्थियों के पंजीकरण, सूचीकरण, परीक्षा आवेदन और शैक्षणिक अभिलेखों के डिजिटल प्रब...