मैटरनिटी लीव से लौटीं CA को क्लर्क लेवल का काम देना पड़ा भारी, दिल्ली हाई कोर्ट का कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना
नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- आज के आधुनिक दौर में जहां महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी काबिलियत का परचम लहरा रही हैं, वहीं कई बार ऑफिस में उन्हें केवल मां बनने की वजह से प्रोफेशनल भेदभाव का सामना करना पड़ता है। लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जो देश की हर कामकाजी महिला के चेहरे पर मुस्कान ले आएगा। अदालत ने स्पष्ट और सख्त शब्दों में कहा है कि मां बनना किसी भी कामकाजी महिला के करियर में रुकावट, पद में गिरावट या अपमान का कारण नहीं बन सकता। हाईकोर्ट ने मैटरनिटी लीव से लौटने के बाद एक सीए महिला अधिकारी की जिम्मेदारियां घटाने वाली प्राइवेट कंपनी पर 10 लाख रुपये का जुर्माना और 1.5 लाख रुपये का कानूनी खर्च देने का आदेश दिया है।क्या था पूरा मामला? यह याचिका 14 साल से चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) का काम कर रहीं राखी बिष्ट द्वारा दायर की गई थी। रा...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.