एटा, जून 5 -- एतीन महीने पहले शिकोहाबाद रोड पर पड़े मिले लावारिस बालक-मां के बारे में पता चल गया।

डीएनए टेस्ट का आदेश बाल कल्याण समिति द्वारा कराए गए डीएनए टेस्ट में दोनों का मिलान हो गया। मां का डीएनए मिलने के बाद भी बालक मां से नहीं मिल पा रहा है। घुंमतू जाति होने के कारण बच्चे की मां राजस्थान के जोधपुर चली गई।

अपना भारत की पहचान नहीं जोधपुर में वह अपना भारत की होने का कोई साक्ष्य नहीं दे सकी। ऐसे में वह अभी वहां पर निगरानी में रखी गई है। बाल कल्याण समिति की ओर से आदेश जारी किया गया कि बच्चे की मां को बुलाकर उसे सुपुर्द किया जाए।

बालक को राजकीय बाल गृह भेजा गया हुआ यूं कि मार्च के महीने में शिकोहाबाद रोड पर चार माह का अवोध बालक पड़ा मिला था। काफी देरतक जब कोई नहीं आया तो बालक को पुलिस ने बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया। इस बालक को...