हल्द्वानी, अप्रैल 14 -- - 366 रूटों पर सेवा दे रहे केमू किराये और दड़बेनुमा दफ्तरों में संचालित यह भी पढ़ें- बोले हल्द्वानी बस अड्डे की बदहाली और महीनों से वेतन न मिलने से रोडवेज कर्मी आक्रोशितहैप्पी बर्थ डे केमू : यह भी पढ़ें- आज से सफर नहीं, रोमांच और रफ्तार का अनुभवबृजेंद्र मेहताहल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। "मैं आपकी हमसफर-हमराह केमू हूं..आज 88 बरस की हो चुकी हूं। "मैंने 80 पैसे लीटर के डीजल को 100 रुपये तक बढ़ते देखा, एक रुपये के टिकट को 300-500 रुपये तक पहुंचते देखा, आग उगलने वाली"लोहे की भैंस" कहकर डरने वाले बच्चों को आज फर्राटा भरते 'जेन जी' होते देखा।जी हां। यहां बात हो रही है कुमाऊं मोटर यूनियन यानी केमू की, जिसके प्रयासों से 14 अप्रैल 1939 को ही पहली दफा कुमाऊं की संकरी और घुमावदार सड़कों से बस के सफर की शुरूआत हुई थी। इसी केमू बस न...