नई दिल्ली, जुलाई 19 -- दिल्ली हाई कोर्ट में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को किसी प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट किए जाने की मांग पर उनकी पत्नी गीतांजलि आंग्मो की याचिका पर सुनवाई हुई। बहस के दौरान, वांगचुक की ओर से पेश हुए कपिल सिब्बल ने दावा किया कि वांगचुक के वकीलों और डॉक्टरों से संपर्क नहीं हो सका। उन्हें सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाना चाहिए। जस्टिस मिनी पुष्करणा की बेंच मामले की सुनवाई की।सिब्बल ने कोर्ट में वांगचुक की ओर से कहा कि मैं अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज चाहता हूं, सरकार इस पर कैसे ऐतराज कर सकती है? लाइव लॉ के अनुसार, कपिल सिब्बल ने कहा, ''वह हिरासत में नहीं है। उनके खिलाफ कोई केस नहीं है। क्या भारत के नागरिक को यह कहने का हक नहीं है कि मैं अपनी पसंद के हॉस्पिटल जाना चाहता हूं? जब ऑर्डर पास हुआ, तो मैं पार्टी नही...