देहरादून, जुलाई 27 -- दून मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक जिम्मेदारियों से पीछे हटने वाले डॉक्टरों पर अब कार्रवाई की जाएगी। मेस फीस घोटाले के बाद मुख्य वार्डन समेत विभिन्न प्रशासनिक पदों से लगातार दिए जा रहे इस्तीफों को गंभीरता से लेते हुए प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने डॉक्टरों को दो टूक संदेश दिया है कि प्रशासनिक जिम्मेदारियां भी सेवा का अभिन्न हिस्सा हैं और इनसे इंकार करना अनुशासनहीनता माना जाएगा। हाल ही में मेस फीस घोटाले के बाद मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. विवेकानंद सत्यवली को पुरुष हॉस्टल का मुख्य वार्डन बनाया गया था, लेकिन उन्होंने कार्यभार अधिक होने का हवाला देते हुए चार पृष्ठ का इस्तीफा सौंप दिया। इसके बाद एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव चोपड़ा ने भी मुख्य वार्डन पद से इस्तीफा दे दिया। इससे पहले पीडियाट्रिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार भी ए...