मेसी बाउली ने खोला राज: विश्वास, परिवार और फुटबॉल के बीच की कहानी
जमशेदपुर, मई 13 -- जमशेदपुर। जमशेदपुर एफसी के स्ट्राइकर मेसी बाउली ने अपने फुटबॉल सफर, विश्वास और परिवार के प्रति समर्पण की दिलचस्प कहानी साझा की है। कैमरून की सड़कों से निकले बाउली ने बताया कि बचपन में वह मजिस्ट्रेट बनने का सपना देखते थे और उन्होंने कानून की पढ़ाई भी की, लेकिन परिवार के सहयोग से फुटबॉल को अपना पेशा बनाया। वह ईश्वर पर अटूट विश्वास रखते हैं। अपने पहले कोच तांबा बिएनवेन्यू और मेंटर ईल्को स्कैटोरी को प्रेरणास्रोत बताते हुए बाउली का कहना है कि सपने देखना जरूरी है, लेकिन सफलता के लिए मेहनत और आत्मविश्वास चाहिए। उनका जीवन मंत्र है, 'जितना संभव हो प्रबंधन करो, बाकी को छोड़ दो।' अब करियर के उत्तरार्ध में बाउली 'शराब की तरह बेहतर होते जाने' की बात करते हैं।
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