नई दिल्ली, जून 1 -- Mesh rashi par shani sadesati ka prabhav: ज्योतिष शास्त्र में शनि गोचर की घटना बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है। शनि गोचर के साथ ही कई राशियों पर शनि की साढ़ेसाती प्रारंभ होती है। शनि साढ़ेसाती की कुल अवधि 7.5 वर्ष की होती है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि की साढ़ेसाती तब प्रारंभ होती है जब गोचर में शनिदेव जातक की जन्म राशि से 12वें भाव में प्रवेश करते हैं और इसके बाद दो भावों (साढ़ेसाती के तीन चरण) से गुजरते हैं। शनि लगभग एक राशि में 2.5 वर्ष तक रहते हैं। शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण होते हैं, जिनमें पहला उदय चरण, दूसरा मुख्य चरण और तीसरा अस्त चरण होता है। इस समय शनि मीन राशि के गोचर में हैं, जिससे मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि साढ़ेसाती का अर्थ सिर्फ दुख या कष्ट नहीं...