फर्रुखाबाद कन्नौज, फरवरी 3 -- शमसाबाद, संवाददाता। ढाईघाट गंगा किनारे मेले का समापन हो चुका है। कल्पवासी तो माघी पूर्णिमा स्नान के बाद ही घरों को चले गये। अब मेले में आये दुकानदार भी सामान समेटकर लौटनेे लगे हैं। कल्पवासी कहीं कहीं पर यादें छोड़ गये हैं। दुकानदारों का तेजी के साथ जाना शुरू हो गया है। ढाईघाट के ऐतिहासिक माघ मेले के महीने में एक माह तक गंगा की धार के दोनों ओर कल्पवास के लिए बड़ी संख्या में लोगों ने राउटी डाली थीं। साधु संतों के भी क्षेत्र बनाये गये थे। तंबुओं का शहर गंगा की दोनों धारों के बीच बसा हुआ था। माघी पूर्णिमा का स्नान करने के बाद गंगा भक्त अपने अपने घरेां के लिए चले गये। मेले में जो दुकानदार दुकाने लगाने आये थे अब वह भी सामान समेटकर दूसरी जगह के लिए निकल रहे हैं। गंगा के दोनों ओर अब पूरी तरह से खाली होने की स्थिति बन ग...