पटना, फरवरी 10 -- राजकीय मेला के आयोजन में नियमानुसार ही पैसा खर्च होंगे। आयोजन से पहले जिलों को दो महीने पहले मदवार व्यय विवरणी देनी होगी। स्वीकृत राशि से अधिक खर्च होने पर अतिरिक्त आवंटन नहीं होगा। यह राशि जिलों को खर्च करनी होगी। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राजकीय समेत अन्य सभी महत्वपूर्ण मेलों का हमारी सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन में विशेष महत्व है। इन मेलों के आयोजन में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और सुव्यवस्थित प्रबंधन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। विभाग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का उद्देश्य यही है कि मेला आयोजन समयबद्ध योजना, स्वीकृत बजट एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप हो। हम चाहते हैं कि सभी जिलाधिकारी समय से प्रस्ताव भेजें, स्वीकृत राशि की सीमा में ही व्यय करें और बिना पूर्व अनुमति किसी प्रकार की ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.