मुजफ्फरपुर, अप्रैल 12 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। लता जी और आशा जी के गाने को सुन-सुनकर ही मैंने गाना सीखा और सिंगर बनने का बड़ा सपना भी मुजफ्फरपुर जैसे छोटे शहर में रहकर देखा। मेरे लिए दोनों बहनें म्यूजिक ऑफ स्कूल थीं। जब सिंगर बनने के लिए मुंबई आई तो पापा की शर्त ही थी कि जब तक आशा जी के 20 गाने ना गा लू तब तक कोई अगला गाना रिकॉर्ड नहीं होगा। उनका जाना मेरे लिए स्तब्ध करने वाला है। बन्नो तेरा स्वैग फेम सिंगर स्वाति शर्मा यह कहते हुए भावुक हो उठती हैं।सुरों की सम्राज्ञी के निधन पर मुजफ्फरपुर ही नहीं, बॉलीवुड में संगीत, गायन, अभिनय की दुनिया में नाम बनाने वाले कलाकारों में शोक की लहर है। कांटी निवासी बॉलीवुड के संगीतकार और गायक सिद्धांत कहते हैं कि आशा ताई हमारे लिए वह गुरु थीं, जिन्हें सुनकर हमने सुरों को जाना। वह खामोश हो गईं, लेकि...