कोटा, सितम्बर 30 -- कोटा के अनंतपुरा थाना इलाके की एक रात, 27 सितंबर की, जितेंद्र और रीता शर्मा के जीवन का सबसे बड़ा दुःस्वप्न बन गई। आधी रात करीब 1:30 बजे उनके फ्लैट नंबर 403 में अचानक आग लग गई। शॉर्ट सर्किट के कारण फैले धुएँ ने उनके दो प्यारे बेटों, 15 वर्षीय शौर्य और 10 वर्षीय वीर, की जान ले ली। यह वह आग थी जिसने उनके हंसते-खेलते परिवार को खाक कर दिया। जितेंद्र शर्मा कहते हैं, "हमारा हंसता-खेलता परिवार खत्म हो गया। वीर मेरे साथ ही सोता था, मेरी हर जरूरत का ख्याल रखता था। अब घर की हर चीज उस आग की याद दिलाती है।" अंतिम संस्कार से पहले माता-पिता दोनों बच्चों को बार-बार दुलारते रहे। पिता ने सोशल मीडिया पर भावुक स्टेटस लिखा - "आप दोनों बहुत याद आओगे, जहां भी रहो खुश रहना, मिस यू बेटा।" पूरा दिन उनके माता-पिता बच्चों की तस्वीरें ही देखते रहत...
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