नई दिल्ली, फरवरी 24 -- सुप्रीम कोर्ट के जज ने हाल ही में बड़ा बयान दिया है। जस्टिस उज्जल भुइयां ने हाल ही में एक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि किस तरह उनकी एक बेटी की दोस्त को मुस्लिम होने की वजह से घर देने से मना कर दिया गया था। इस दौरान जस्टिस भुइयां ने कहा कि सामाजिक रीति-रिवाज अक्सर संवैधानिक मूल्यों से अलग होते हैं। जस्टिस भुइयां हैदराबाद में तेलंगाना जजेज एसोसिएशन और तेलंगाना स्टेट ज्यूडिशियल एकेडमी द्वारा आयोजित एक सेमिनार को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान 'संवैधानिक नैतिकता और जिला न्यायपालिका की भूमिका' के विषय पर बोलते हुए SC जज ने इस घटना का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी की दोस्त दिल्ली में घर ढूंढ रही थी। लेकिन कैसे मकान मालकिन ने स्टूडेंट की धार्मिक पहचान का पता चलने के बाद उसे घर देने से मना कर दिया था। यह भी पढ़ें-...