मेरठ, फरवरी 4 -- कैंसर, ये ऐसी बीमारी है जो मरीज के साथ पूरे परिवार को आर्थिक और मानसिक रूप से तोड़ देती है। शुरू में पता चल जाए तो उम्मीद रहती है, लेकिन देर हो जाए तो डॉक्टर भी कुछ नहीं कर पाते। गांवों में पहले जहां कैंसर के इक्का-दुक्का मामले ही आते थे वहीं, अब एक ही परिवार के कई लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। जिले में हजारों लोग कैंसर से लड़ रहे हैं। सरकारी अस्पताल में नाममात्र का इलाज उपलब्ध है। निजी अस्पतालों में सुविधाएं बेहतर जरूर हैं, लेकिन महंगे इलाज से उपचार कराना सामर्थ्य से बाहर की बात होता जा रहा है। इसके अलावा समय से जांच नहीं होने से मरीज गंभीर स्थिति में पहुंच रहे हैं। इन कैंसर रोगियों की बढ़ी संख्या विशेषज्ञ चिकित्सकों की माने तो मेरठ में हर साल कैंसर के करीब तीन हजार नए मरीज आते हैं। वह कहते हैं कि मेरठ में प्रदूषण बढ़ने क...
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