लखनऊ, नवम्बर 21 -- लखनऊ, विधि संवाददाता इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नोटिस रिसीव होने के बावजूद मुख्य स्थायी अधिवक्ता आफिस से संपर्क कर अपना जवाब न दाखिल करने पर कड़ा रुख अपनाते हुए बिजनौर जिले की जिलाधिकारी जसजीत कौर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। कोर्ट ने बिजनौर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट को आदेश दिया है कि वारंट का तामीला कराकर अगली सुनवायी पर जिलाधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति जस्टिस मनीष कुमार की एकल पीठ ने विक्रम सिंह की ओर से दाखिल अवमानना याचिका पर पारित किया है। याचिका में कहा गया हाईकोर्ट ने 22 अप्रैल 2025 को बिजनौर की जिला स्तरीय समिति को आदेश दिया था कि याची की जाति निर्धारित करने की मांग वाली अर्जी पर तीन माह में निर्णय लिया जाये। आरोप लगाया कि आदेश की प्रति जिलाधिकारी को दे दी गयी थी, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.