मेरठ, मार्च 4 -- बुधवार को दुल्हैंडी के मौके पर खरखौदा क्षेत्र के बिजौली गांव में चली आ रही परंपरा के तहत अनूठी होली मनाते हुए ग्रामीणों ने तहत एवं जुलूस निकाला। इस दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त रहे। एसपी देहात पुलिस फोर्स के साथ गांव में कार्यक्रम समाप्त होने तक मौजूद रहे। बिजौली की होली का अपना अलग महत्व एवं विशेषता है। करीब 500 साल से तख्त परंपरा चली आ रही है। बुधवार को दोपहर बाद गांव के विभिन्न मोहल्लों से आधा दर्जन से अधिक तख्त निकले। इन तख्तों पर युवा अपने शरीर को नुकीले औजारों (तलवार, सुई) से बींधकर बैठे थे और फिर भी वे बेहद खुश दिखाई दे रहे थे। ऐतिहासिक मान्यता: 500 साल पहले, राजा रणविजय सिंह के शासनकाल में जब गांव में महामारी और आपदाओं का दौर आया, तब बाबा गंगापुरी ने इस परंपरा की शुरुआत की थी । परंपरा का समापन: तख्तों का जुलूस, ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.