मेरठ, फरवरी 27 -- तन से वे जरूर दिव्यांग हैं लेकिन मन मजबूत और दृढ़ संकल्पित। अपनी हिम्मत, हौंसले और जुनून के बूते आज वे अपने परिवार और शहर का नाम देश-दुनिया में रोशन कर रहे हैं। खेल, व्यवसाय, अदाकारी सहित तमाम विधाओं में अपने फन से मुकाम पाया है। तन से दिव्यांग लेकिन हौसलों से उड़ान भरने वालों की दिव्यांगता भी हौसला नहीं तोड़ सकी। उनके जज्बे को लोग भी सलाम करते हैं। दिव्यांगता की मायूसी को खेलों से ऐसा जीता कि न सिर्फ पदकधारी बल्कि दूसरों के लिए रोल मॉडल भी बन गए। दिव्यांग खिलाड़ियों ने खेल के मैदान पर ऐतिहासिक उड़ान भरी है। इन खिलाड़ियों ने न केवल पदक जीते हैं, बल्कि समाज के प्रति धारणा को बदलकर यह दिखाया है कि आत्मविश्वास और मेहनत से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है। मेरठ में चल रही पैरा सिटिंग चैंपियनशिप में भाग ले रहे 22 राज्यो...